ख़याल है पन्ने .....ज़हन एक किताब ............
.....poonam
Thursday, November 29, 2012
›
कजरारे नयन तुम्हारे करे मेघ भी कारे मुझ भ्रमर मन को चैन कहाँ उडत फिरत हूँ द रस को तिहारे इत-उत निहारूं , चित...
12 comments:
‹
›
Home
View web version