ख़याल है पन्ने .....ज़हन एक किताब ............
.....poonam
Wednesday, February 20, 2013
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दिल रोता है पर लब मुस्कुराते हैं ये आंसू भी अजीब शय हैं जब रोकना चाहो न जाने क्यों बेतरतीब बह जाते हैं .......पूनम (स्वप्न ...
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