ख़याल है पन्ने .....ज़हन एक किताब ............
.....poonam
Friday, April 19, 2013
स्तिथियाँ बदलती ही नहीं .......... क्यूँ ..........??????????????
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बहुत दुःख की बात है कि समय बीतता जाता है .......और स्तिथियों में कोई अंतर नहीं नज़र आता .....वे रहती है ज्यों की त्यों ........भयावह ......
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