ख़याल है पन्ने .....ज़हन एक किताब ............
.....poonam
Thursday, August 29, 2013
मीलों हैं फैली तन्हाई ................
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ऊपर रंगी आसमा है आया चिढाने नीचे बरपी तन्हाई है सीना ताने हैं शूल ही शूल जहां तक निगाह जाए है रेत ही रेत कहाँ से गुल कोई आये दूर त...
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