ख़याल है पन्ने .....ज़हन एक किताब ............
.....poonam
Wednesday, January 7, 2015
लावा............
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कल की ही तो बात है वैसे, कोयल कूक रही हो जैसे, या कोई चिड़िया चहकी हो, या फिर कोई कली महकी हो| हँसी खनकती थी कंगन सी, काया ...
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