ख़याल है पन्ने .....ज़हन एक किताब ............
.....poonam
Sunday, April 9, 2017
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जाम था, तिश्र्नगी रही फिर भी वस्ल था, बेकली रही फिर भी ज़िन्दगी ज़िन्दगी न थी यूँ तो शान से वो तनी रही फिर भी ज़िन्दगी से ब...
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