ख़याल है पन्ने .....ज़हन एक किताब ............
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Thursday, July 20, 2017
गीत-कब आओगे साजन?
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आकर तुम मत जाना साजन, आकर तुम मत जाना ... जब आँगन में मेघ निरंतर झर-झर बरस रहे हों ऐसे में दो विकल हृदय मिलने क...
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