ख़याल है पन्ने .....ज़हन एक किताब ............
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Sunday, June 4, 2023
प्रेम-सुवासित काव्य.. पूनम माटिया
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कल की ही तो बात है वैसे, कोयल कूक रही हो जैसे, या कोई चिड़िया चहकी हो, या फिर कोई कली महकी हो| हँसी खनकती थी कंगन सी, काया थी निर्मल...
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