ख़याल है पन्ने .....ज़हन एक किताब ............
.....poonam
Friday, August 24, 2012
तड़प
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अश्क बह जाएँ किसे फ़रक पड़ता है सूख के दरदरे हो जाएँ क्या फ़रक पड़ता है न पत्थर पिघलता है न सागर मचलता है बस एक दिल तड़पता...
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