ख़याल है पन्ने .....ज़हन एक किताब ............
.....poonam
Thursday, September 6, 2012
ओ! मेरे चंचल शोख मितवा
›
मधुर ताल, मधुर गान मधुर ही हैं ये अधर तोरे नयन तोरे धीर, गंभीर पर चलाये घनेरे तीर हृदय तरंगित हो उठता जब पग में बाजे पायल तोरे ...
17 comments:
‹
›
Home
View web version