ख़याल है पन्ने .....ज़हन एक किताब ............
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Wednesday, September 26, 2012
एक आम इंसान कही खो रहा....
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इन ऊँची -ऊँची गगन चुम्बी इमारतों में एक आम इंसान कही खो रहा कभी सर ऊँचा कर चलता था आज आस्तित्व भी धूमिल हो रहा . सपने उड...
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