ख़याल है पन्ने .....ज़हन एक किताब ............
.....poonam
Friday, March 14, 2014
सास बहु काहे न खेले होली..........
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फाग की मस्ती छाई थी छलकी थी ख़ुशी चहु ओर रंग लगा इक-दूजे को भागन-भाग थी सब ओर चरण-स्पर्श को झुकी नव-वधु पाने को आशीष ...
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