ख़याल है पन्ने .....ज़हन एक किताब ............
.....poonam
Friday, March 4, 2022
छन्द में विनय -पूनम माटिया
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तोड़ रहे मन का मनका बिन बात पिया जु अँधेर करो ना| शांत करो चित, ध्यान धरो कुछ, स्वप्न सभी तुम ढेर करो ना| हाथ थमा कर, अंग लगा कर, बैर विदा इस...
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