ख़याल है पन्ने .....ज़हन एक किताब ............

.....poonam

Friday, March 4, 2022

छन्द में विनय -पूनम माटिया

›
तोड़ रहे मन का मनका बिन बात पिया जु अँधेर करो ना| शांत करो चित, ध्यान धरो कुछ, स्वप्न सभी तुम ढेर करो ना| हाथ थमा कर, अंग लगा कर, बैर विदा इस...
3 comments:
‹
›
Home
View web version

About Me

My photo
Poonam Matia
View my complete profile
Powered by Blogger.