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Thursday, September 6, 2012

ओ! मेरे चंचल शोख मितवा


मधुर ताल, मधुर गान 
मधुर ही हैं ये अधर तोरे 
नयन तोरे धीर, गंभीर 
पर चलाये घनेरे तीर 
हृदय तरंगित हो उठता 
जब पग में बाजे पायल तोरे 
सुन मोरे चंचल, शोख मितवा 
तोरे से जगमग दिन-रैन मोरे